यात्रीगण कृपया ध्यान दें! 15 अक्टूबर तक 17 ट्रेनों के बदले रूट, यात्रा से पहले चेक करें नया रूट

MP Railway Update: मध्य प्रदेश में रेल यात्रियों के लिए कुछ ज़रूरी जानकारी यहाँ दी गई है। अगर आप 15 अक्टूबर तक भोपाल या आस-पास के स्टेशनों से ट्रेन से यात्रा करने की योजना बना रहे हैं, तो कृपया घर से निकलने से पहले अपनी ट्रेन का शेड्यूल और रूट में हुए किसी भी बदलाव की जाँच कर लें।
तीसरी रेलवे लाइन के काम के कारण कई ट्रेनों के बदल गए रूट
बीना और आगासौद स्टेशनों के बीच तीसरी रेलवे लाइन को जोड़ने के लिए रेलवे अधिकारी बड़े पैमाने पर यार्ड रीमॉडलिंग और इंटरलॉकिंग से जुड़ा काम (प्री-नॉन-इंटरलॉकिंग और नॉन-इंटरलॉकिंग दोनों चरणों सहित) कर रहे हैं।
इस तकनीकी कार्य के चलते, 15 अक्टूबर तक 17 कई एक्सप्रेस ट्रेनों को उनके निर्धारित मार्ग के बजाय वैकल्पिक रूट से चलाया जाएगा। इसमें भोपाल, रानी कमलापति और संत हिरदाराम नगर स्टेशनों से गुज़रने वाली कई महत्वपूर्ण ट्रेनें शामिल हैं।
रेवांचल एक्सप्रेस के रूट में भी बदलाव
- रीवा–डॉ. अंबेडकर नगर और डॉ. अंबेडकर नगर–रीवा एक्सप्रेस ट्रेनें 8 अक्टूबर से 14 अक्टूबर के बीच अपने तय रूट के बजाय बीना मालखेड़ी, महादेवखेड़ी, गुना, रूठियाई और मक्सी होकर चलेंगी।
- वेरावल–जबलपुर और जबलपुर–वेरावल एक्सप्रेस ट्रेनें भी अपने सामान्य रास्ते के बजाय भोपाल–इटारसी रूट से चलेंगी।
- रीवा–रानी कमलापति रेवांचल एक्सप्रेस 8 अक्टूबर और 14 अक्टूबर को कटनी–जबलपुर–इटारसी रूट से चलेगी।
भोपाल से चलने वाली इन ट्रेनों पर भी असर
रेलवे के इस काम के कारण, तय तारीखों पर कई अन्य प्रमुख ट्रेनों के रूट बदले गए हैं। इन ट्रेनों के रूट में बदलाव संबंधित तारीखों से लागू होगा। इनमें शामिल हैं:
- हावड़ा-भोपाल और भोपाल-हावड़ा एक्सप्रेस
- भोपाल-धनबाद और धनबाद-भोपाल एक्सप्रेस
- भोपाल-चोपन और चोपन-भोपाल एक्सप्रेस
- भोपाल-सिंगरौली और सिंगरौली-भोपाल एक्सप्रेस
भोपाल-जोधपुर एक्सप्रेस भी बदले रास्ते से चलेगी
- भोपाल–जोधपुर एक्सप्रेस 15 अक्टूबर तक संत हिरदाराम नगर–मक्सी–रुठियाई–कोटा रूट से चलेगी; वहीं, जोधपुर–भोपाल एक्सप्रेस कोटा–रुठियाई–मक्सी–संत हिरदाराम नगर रूट से भोपाल पहुँचेगी।
- 8 अक्टूबर को जबलपुर–हज़रत निज़ामुद्दीन गोंडवाना एक्सप्रेस, कटनी–ओहन–वीरांगना लक्ष्मीबाई झाँसी रूट से चलेगी।
तीसरी लाइन शुरू होने से रेल संचालन को मिलेगा फायदा
रेलवे के आंकड़ों के अनुसार, यार्ड के रीमॉडलिंग और तीसरी रेलवे लाइन के जुड़ने से बीना–आगासौद सेक्शन में ट्रेनों के संचालन की क्षमता बढ़ेगी। इससे भविष्य में ट्रेनों का संचालन ज़्यादा सुचारू और कुशल बनाने में मदद मिलेगी।
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